• Home
  • Uttar Pradesh
  • Lucknow
  • BHMS students undertook an educational tour of a water treatment plant and understood the water purification process.

बीएचएमएस छात्रों ने किया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण, जल शोधन प्रक्रिया को समझा |

सनी शाह / लखनऊ के राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, गोमती नगर, लखनऊ के बीएचएमएस तृतीय एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, गोमती नगर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण में लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

यह शैक्षणिक भ्रमण कम्युनिटी मेडिसिन, रिसर्च मेथोडोलॉजी एवं बायोस्टेटिस्टिक्स विभाग द्वारा राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति प्रणाली, जल शोधन प्रक्रियाओं, जनस्वास्थ्य संरक्षण, पर्यावरण स्वच्छता तथा जल जनित रोगों की रोकथाम से संबंधित व्यावहारिक जानकारी देना था। कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में प्रोफेसर डॉ. विश्वजीत गुप्ता, प्रोफेसर डॉ. प्रियंका भट्ट एवं विभागीय शिक्षकों की विशेष भूमिका रही। उनके निर्देशन में विद्यार्थियों ने जल शोधन संयंत्र की विभिन्न प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन किया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कच्चे जल के संग्रहण से लेकर फिल्ट्रेशन, सेडिमेंटेशन, क्लोरीनेशन, शुद्धिकरण परीक्षण तथा वितरण प्रणाली तक की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन कराया गया। साथ ही आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली एवं सुरक्षित जल आपूर्ति व्यवस्था की भी जानकारी दी गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार मुकुंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल किसी भी स्वस्थ समाज की आधारशिला है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं, जिससे वे जनस्वास्थ्य की वास्तविक चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।

इस अवसर पर अकादमिक इंचार्ज प्रोफेसर डॉ. नीलम शुक्ला, ओपीडी इंचार्ज प्रोफेसर डॉ. डी.के. सोनकर एवं आईपीडी इंचार्ज प्रोफेसर डॉ. अरविंद कुमार ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भ्रमण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। विद्यार्थियों ने भी इस भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक, उपयोगी एवं व्यावहारिक ज्ञान से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उन्हें सुरक्षित जल आपूर्ति प्रणाली, जनस्वास्थ्य प्रबंधन तथा रोग निवारण के महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।